एक गांव में मोहन नाम का एक गरीब लेकिन ईमानदार लड़का रहता था। एक दिन वह तालाब के किनारे खेल रहा था, तभी उसे एक सुंदर सुनहरी मछली दिखाई दी।

मछली बोली, “यदि तुम मुझे वापस पानी में छोड़ दोगे, तो मैं तुम्हारी एक इच्छा पूरी करूंगी।”

मोहन ने बिना कुछ मांगे मछली को प्यार से तालाब में छोड़ दिया।

कुछ दिनों बाद गांव में सूखा पड़ गया। तभी उसी तालाब से मीठे पानी का एक नया झरना निकल आया, जिससे पूरे गांव को पानी मिलने लगा।

गांव वाले बहुत खुश हुए। सुनहरी मछली फिर दिखाई दी और बोली, “तुम्हारी ईमानदारी और दयालुता का यह पुरस्कार है।”

मोहन ने खुशी-खुशी गांव वालों के साथ मिलकर उस पानी का सही उपयोग किया।

शिक्षा:

ईमानदारी और दया का फल हमेशा अच्छा मिलता है।

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