पंचतंत्र की कहानी: चतुर खरगोश और लालची शेर की कहानी बहुत समय पहले एक घने जंगल में एक लालची शेर रहता था। वह जंगल के सभी जानवरों को डराकर रोज़ किसी न किसी को अपना शिकार बना लेता। यह समस्या इतनी बड़ी हो गई कि सभी जानवरों ने मिलकर शेर से समझौता किया कि वे […]
Category: Panchatantra Kahaniyan
Panchatantra Kahaniyan – Panchtantra Stories
पंचतंत्र
मूर्ख मित्र-पंचतंत्र
किसी राजा के राजमहल में एक बन्दर सेवक के रुप में रहता था । वह राजा का बहुत विश्वास-पात्र और भक्त था । अन्तःपुर में भी वह बेरोक-टोक जा सकता था ।
एक दिन जब राजा सो रहा था और बन्दर पङखा झल रहा था तो बन्दर ने देखा, एक मक्खी बार-बार राजा की छाती पर बैठ जाती थी । पंखे से बार-बार हटाने पर भी वह मानती नहीं थी, उड़कर फिर वहीं बैठी जाती थी ।
बन्दर को क्रोध आ गया । उसने पंखा छोड़ कर हाथ में तलवार ले ली; और इस बार जब मक्खी राजा की छाती पर बैठी तो उसने पूरे बल से मक्खी पर तलवार का हाथ छोड़ दिया । मक्खी तो उड़ गई, किन्तु राजा की छाती तलवार की चोट से दो टुकडे़ हो गई । राजा मर गया ।
“मूर्ख मित्र की अपेक्षा विद्वान् शत्रु ज्यादा अच्छा होता है।”
पंचतंत्र की और कहानियां पड़े
-
बन्दर और लकड़ी का खूंटा
-
लड़ते बकरे और सियार
-
सियार और ढोल
-
दुष्ट सर्प और कौवे
-
खटमल और बेचारी जूं
-
मूर्ख बातूनी कछुआ
-
शेर, ऊंट, सियार और कौवा
-
चिड़िया और बन्दर
-
सिंह और सियार
Read More Panchatantra Kahaniyan in Hindi